शम्मी आंटी

1931 में बम्बई अब मुंबई में जन्मी शम्मी आंटी का असली नाम नरगिस रबाड़ी था। शम्मी आंटी ने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि कई फिल्मों में भी मां का किरदार निभाया है। उन्होंने करीब 200 फिल्मों काम किया है। उनके निधन पर अमिताभ बच्चन ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शोक जताया है। शम्मी आंटी को इंडस्ट्री में शम्मी के नाम से ही जाना जाता है। शम्मी आंटी काफी समय से बीमार चल रही थीं। शम्मी ने फिल्म प्रोड्यूसर सुल्तान अहमद से शादी की थी और यह शादी 7 साल चली थी। शम्मी ने लगभग 64 सालों तक फिल्मों में काम किया और वह ‘कुली नंबर 1’, ‘खुदा गवाह’, ‘हम’, ‘अर्थ’, ‘द बर्निंग ट्रेन’ जैसी कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं।
18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘उस्ताद पेड्रो’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी यादगार फिल्मों में ‘मल्हार’, ‘संगदिल’, ‘हाफ टिकट’, ‘जब जब फूल खिले’, ‘सजन’, ‘डोली’, ‘उपकार’, ‘इत्तेफाक’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
उन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों के अलावा ‘देख भाई देख’, ‘जबान संभाल के’, ‘श्रीमान श्रीमति’, ‘कभी ये कभी वो’, फिल्मी चक्कर’ टीवी शोज में काम किया है। आखिरी बार फराह खान और बोमन ईरानी की फिल्म ‘शीरी फरहाद की तो निकल पड़ी’ में नजर आईं ।
शम्मी आंटी ने शुरुआती दिनों में पैकेजिंग डिपार्टमेंट में भी काम किया। फिल्मों में काम करने का मौका उन्हें फैमिली फ्रेंड के जरिए मिला। इंडस्ट्री में लंबे वक्त तक काम करने के बारे में उन्होंने बताया था, मैंने कभी प्लान नहीं किया और ना ही बहुत ज़्यादा महत्वाकांक्षाएं रखीं। बस जो भी काम मिलता रहा, बिना ना-नुकुर करती चली गई।

वहीदा रहमान, आशा पारेख और हेलन के साथ शम्मी आंटी की दोस्ती मशहूर है। इन चारों को अक्सर ही साथ देखा जाता था। शम्मी आंटी ने लंबी बीमारी के बाद 06 मार्च 2018 को दुनिया को अलविदा कह दिया था ।
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