सुर सम्राज्ञी लता और मोहम्मद रफी ने सिनेमा जगत को कई सुपरहिट गानें दिए हैं। लता मंगेशकर ने रफी के साथ ही सबसे ज्यादा गानें गाए हैं।
आ जा के इंतजार में जाने को हैं बहार भी
शंकर जयकिशन, हलाकू (1956)
आदमी मुसाफिर हैं, आता हैं जाता हैं
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, अपनापन (1977)
आप ने याद दिलाया तो मुझे याद आया
मजरुह सुलतानपुरी, रोशन, आरती (1962)
आशाओं के सावन में, उमंगों की बहार में
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आशा (1980)
आवाज दे के हमे तुम बुलाओ
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, प्रोफेसर (1962)
अगर मैं पूछू जवाब दोगे
फारुख कैसर, शिकारी (1963)
बेखुदी में सनम उठ गए जो कदम
कल्याणजी आनंदजी, हसीना मान जायेगी
भूला नही देना जी भूला नही देना
नौशाद, बारादरी (1955)
चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो
कैफी भोपाली, गुलाम मोहम्मद, पाकिजा (1971)
चाँद जाने कहा खो गया, तुम को कोहरे से पर्दा हटाना ना था
राजेन्द्र कृष्ण, चित्रगुप्त, मै चूप रहूंगी (1962)
चाहे पास हो, चाहे दूर हो, मेरे सपनोंकी तुम तसवीर हो
सम्राट चंद्रगुप्त (1958)
छुपाकर मेरी आँखों को वो पूछे कौन हैं जी हम
राजेन्द्र कृष्ण, चित्रगुप्त, भाभी (1957)
देखो रुठा ना करो, बात नजरों की सुनो
हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन, तेरे घर के सामने (1963)
धीरे धीरे चल चांद गगन में
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, लव मॅरेज
दिल का ना करना ऐतबार कोई
शंकर जयकिशन, हलाकू (1956)
आ जा के इंतजार में जाने को हैं बहार भी
शंकर जयकिशन, हलाकू (1956)
आदमी मुसाफिर हैं, आता हैं जाता हैं
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, अपनापन (1977)
आप ने याद दिलाया तो मुझे याद आया
मजरुह सुलतानपुरी, रोशन, आरती (1962)
आशाओं के सावन में, उमंगों की बहार में
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, आशा (1980)
आवाज दे के हमे तुम बुलाओ
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, प्रोफेसर (1962)
अगर मैं पूछू जवाब दोगे
फारुख कैसर, शिकारी (1963)
बेखुदी में सनम उठ गए जो कदम
कल्याणजी आनंदजी, हसीना मान जायेगी
भूला नही देना जी भूला नही देना
नौशाद, बारादरी (1955)
चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो
कैफी भोपाली, गुलाम मोहम्मद, पाकिजा (1971)
चाँद जाने कहा खो गया, तुम को कोहरे से पर्दा हटाना ना था
राजेन्द्र कृष्ण, चित्रगुप्त, मै चूप रहूंगी (1962)
चाहे पास हो, चाहे दूर हो, मेरे सपनोंकी तुम तसवीर हो
सम्राट चंद्रगुप्त (1958)
छुपाकर मेरी आँखों को वो पूछे कौन हैं जी हम
राजेन्द्र कृष्ण, चित्रगुप्त, भाभी (1957)
देखो रुठा ना करो, बात नजरों की सुनो
हसरत जयपुरी, सचिनदेव बर्मन, तेरे घर के सामने (1963)
धीरे धीरे चल चांद गगन में
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, लव मॅरेज
दिल का ना करना ऐतबार कोई
शंकर जयकिशन, हलाकू (1956)

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